Where is famous film director Mansoor Khan? what he is doing nowadays? Why did he quit films and Mumbai?
राजू हिरानी, संजय भंसाली, करन जोहर या रोहित शेट्टी नहीं, बल्कि ये थे बॉलीवुड के सबसे ज्यादा टैलेंटेड डायरेक्टर, आज जी रहे हैं गुमनामी की ज़िन्दगी| मशहूर फिल्म निर्माता नासिर हुसैन के बेटे और सुपरस्टार आमिर खान के चचेरे भाई मंसूर खान हैं एक महाकाबिल फिल्म निर्देशक, पर आज फिल्मों से ही नहीं बल्कि मुंबई से भी हैं गायब | मुंबई, 23/07/2023 मुंबई एक ऐसा शहर है, जहां पूरे देश भर से रोज़ सेकड़ों लोग फिल्मों मे अपनी किस्मत आज़माने चले आते हैं, कोई अभिनेता बनना चाहता है तो कोई संगीतकार, कोई गीतकार तो कोई निर्देशक,सब बस यही चाहते हैं कि उन्हें एक मौका मिल जाए, कुछ लोगों को किस्मत वो मौका भी देती है और कुछ तो बस संघर्ष ही करते रह जाते हैं, और कुछ ऐसे भी किस्मत के धनी लोग हैं,जिनके पास नेचुरल टैलेंट है,जो फ़िल्मी परिवार से आते हैं, जिन्हें एक के बाद एक मौके मिले हैं,जो अपने क्षत्र मे खूब सफल भी रहे हैं पर अचानक एक दिन उन्हें एहसास हुआ कि ये फ़िल्मी जगत उनके लिए नहीं है, ये सपनो की नगरी मुंबई उन्हें नहीं सुहाती और वो इस शहर से और फिल्मों से हमेशा के लिए दूर चले गए| जी हाँ दोस्तों हम बात कर रहे हैं, मशहूर फिल्म निर्माता नासिर हुसैन के बेटे और आमिर खान के चचेरे भाई मंसूर खान की| मंसूर खान जिन्होंने अपनी पहली ही फिल्म, 1988 मे रिलीज़ हुई “क़यामत से क़यामत तक” से फिल्म जगत मे तेहलका मचा दिया था, इस फिल्म से उनके चाचा ताहिर हुसैन के बेटे आमिर खान और जूही चावला ने भी अपना debue किया था, फिल्म ने सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित किये थे | अपनी पहली ही फिल्म से मंसूर खान ने अपनी काबिलियत का लोहा मनवा लिया था, फिल्म की पटकथा भी उनकी ही लिखी हुई थी, यही नहीं क़यामत से क़यामत तक का संगीत आज भी लोगों की जुबां पर है,उस वक्त सभी फिल्म समिक्षकों ने यही लिखा था कि मंसूर खान के अन्दर अपार संभावनाएं छिपी हैं, और ये लड़का बहुत आगे जाएगा| मंसूर खान भी सदा लोगों की उम्मीदों पर खरे उतरे,और अपनी दूसरी फिल्म,1992 मे आयी “जो जीता वो ही सिकंदर” से उन्होंने साबित कर दिया कि वो एक फिल्म का चमत्कार नहीं हैं| इस फिल्म का निर्देशन, पटकथा,संगीत ,कोरियोग्राफी, और आमिर खान के अभिनय, सभी लाजवाब था| “जो जीता वो ही सिकंदर” को आज एक Masterpiece फिल्म माना जाता है,जिसे लोगों ने एक नहीं कई- कई बार देखा है| जो जीता के बाद मंसूर खान की तीसरी फिल्म थी, “अकेले हम अकेले तुम” जो 1995 मे रिलीज़ हुई थी, और चौथी और आखिरी फिल्म थी शाहरुख़ खान अभिनीत “जोश” जो वर्ष 2000 मे प्रदर्शित हुई थी,इन दोनों ही फिल्मों ने दर्शकों के दिलों को छुआ,इनकी कहानी,इनका संगीत आज भी याद किया जाता है| मंसूर खान हमेशा से ही फ़िल्मी दुनिया की चकाचोंध से दूर रहते रहे, और एक दिन उन्होंने फैसला किया की अब वो आगे से कोई फिल्म नहीं बनाएंगें,अपने एक rare interview मे मंसूर खान ने कहा था कि “फ़िल्में उनका पैशन नहीं हैं, उनका पैशन तो पढ़ना और खेती करना है, और उन्हें मुंबई शहर रहने के लिए बिलकुल भी पसंद नहीं है, इस शहर की रेलपेल और भागमभाग उन्हें नागवार गुज़रती है,उन्हें कोई छोटा और शांत शहर ज्यादा भाता है और इसीलिए अब वो इस शहर मे रहना नहीं चाहते और न ही कोई फिल्म बनाना चाहते हैं,क्यूंकि फ़िल्में भी अब उन्हें आकर्षित नहीं करती”| आज मंसूर खान जैसे काबिल डायरेक्टर पिछले बीस सालों से तमिलनाडु के निलगिरी ज़िले के छोटे से शहर कुन्नूर मे पहाड़ों पर अपने फार्म पर रह रहे हैं जहां cheese बनाते हैं और खेती भी करते हैं| इस इंडस्ट्री और दर्शकों का ये दुर्भाग्य है कि इतने काबिल डायरेक्टर ने सिर्फ चार ही फ़िल्में बनाई हैं, लेकिन जितनी भी बनाई हैं सभी ने लोगों के दिलों को छुआ है| Tags #Bollywood #Mansoorkhan #Filmdirectormansoorkhan #Aamirkhanbrother #whereismansoorkhan #Mansoorinkunnur #Mansoormakingcheese #Nassirhussainson #Imrankhanmamu #mansoorkhanfarmhouse Post by Rakesh kumar
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