Sadhu, was arrested in Mathura, who was land Marfia in Morena ( MP)
मध्य प्रदेश की मुरैना जिले की पुलिस👮 ने एक ढोगी बने हुए साधू को पहले माला पहनाकर, उसके पैर 👟 छुए इसके बाद साधू के कान में कहा हम आपको गिरफ्तार करने आये है। यह बात सुनकर आरोपी साधू पसीना पसीना😅 हो गया।
यह पूरी घटना मथुरा जिले के राम जानकी 🕌मंदिर आश्रम की है, साधू महाराज को मुरैना जिले की सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पुलिस👮 है।
Sadhu Mathura Muraina Police
मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र की पुलिस ने एक बहुत ही समझदारी का परिचय देते हुए मथुरा जिले में सिथित रामजानकी मंदिर परिसर से ढोगी साधू को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस को भक्त बनना पड़ गया। श्रद्धालुओं के भेष में आये हुए पुलिस कमियों ने साधू के पैर छुए और फूल माला पहनाकर साधू के कान में बोला, हम आपको गिरफ्तार करने के लिए मुरैना जिले से आये है। इतना सुनने पर साधू पसीना पसीना हो गया और साधू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
यह पूरा वाकया साधू की गिरफ्तारी, मुरैना के एक मंदिर की जमीन को लेकर धोखाधड़ी से जुडा हुआ है। सिविल लाइन थाने के टी आई वीरेश कुशवाहा ने बातचीत में बताया कि मुरैना में सिविल लाइन थाने में सिथित तपसी गुफा मंदिर की लगभग 6 बीघा जमीन पर दुकाने भी बनी हुई है, इस ढोगी साधू रामशरण ने मंदिर में रहने वाले सहयोगी दान बिहारी के साथ एक नकली टृस्ट बनाकर मंदिर की जगह और दुकानों को कब जाने की योजना बनाकर जमीन और दुकानों को कब्जे में कर लिया था।
नकली टृस्ट बनाकर वसूलता था किराया
इस कूट रचित योजना में साधू रामशरण ने जौरा खुर्द गाँव के पूर्व सरपंच सुरेन्द्र यादव और अशोक यादव को भी हिससेदार बनाकर एक नकली टृस्ट बनाई और उसकी रसीद छपवा कर किराया वसूली करने लगे थे।
धोखाधड़ी की शिकायत में एफआईआर लिखाई गयी
जब मंदिर के मुख्य पुजारी ( महंत) को इस फर्जी वाडे की जानकारी हुई, जिनका नाम मदन मोहन है, तो उनहोंने ततपरता से इसकी प्राथनापत्र सिविल लाइन थाने में की थी। जिसमें आरोप साधु रामशरण, दान बहारी, सुरेन्द्र यादव सहित अशोक यादव को
नामजद कराया गया था, और इलाकाई पुलिस ने 3 आरोपियों को पकड़ कर अरेस्ट किया है। मुख्य आरोपी साधु रामशरण फरार हो गया था।
साधु मुरैना जिले को छोड़कर मथुरा आ गया था
नकली बाबा रामशरण मुरैना के मंदिर को छोड़कर मथुरा के रामजानकी मंदिर आश्रम में आकर साधु बनकर रहने लगा था, बाबा रामशरण जानता था कि धोखाधड़ी के मामले में पुलिस उसको कभी भी पकड़ लेगी और उसने अपने वकीलों के माध्यम से अपनी अग्रणी जमानत के प्रयास करने की चेष्टा की थी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में पहुँच था अभियुक्त
मध्यप्रदेश की हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में अपनी अग्रणी जमानत के लिए बाबा रामशरण के वकीलों ने 26 जुलाई को आवेदन किया जब हाईकोर्ट ने इस मैटर की सुनवाई शुरू हुई तो वकीलों ने कोर्ट से कहा बाबा रामशरण को जमानत दे दीजिए, कयोंकि पुलिस बाबा को पकड़ नंही पा रही है और बाबा रामशरण से मिलकर वापस लौट आती है। यह दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अपने आदेश में बाबा रामशरण को तुरंत गिरफ्तार कर उसे कोर्ट में पेश करें।
मुरैना पुलिस को सख्त कार्यवाही का आदेश
मुरैना पुलिस को मालूम चला बाबा रामशरण मथुरा के रामजानकी मंदिर परिसर में रहता है, हाईकोर्ट के द्वारा बहुत ही सख्त कार्यवाही का आदेश दुबारा दिया गया था, पुलिस को उसकी ताली करना आवश्यक हो गया था, कोर्ट से मिले सख्त कार्यवाही के आदेश के बाद पुलिस ने 2 टीमें बनाई इन टीमों में 8 लोग शामिल किये गये, जिसमें 2 पुलिस जन सिविल डे्स में थे।
साधु को गिरफ्तार करना बहुत बड़ी चुनौती थी
पुलिस इंसपेक्टर वीरेश कुशवाहा ने बताया कि मामला संत समाज से जुडा हुआ था और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी थी कहीं मामला बिगड़ न जाए, मुरैना के एसपी शैलेंद्र सिंह ने मथुरा के एसपी से बात की और बताया हाईकोर्ट का आदेश के कारण गिरफ्तारी जरुरी है, पूरा पलान बनाने के बाद मुरैना पुलिस मथुरा को पहुचीं थी।
सादे कपडों में भक्त बनकर पहुंचे सिपाही
बताते चले गोवर्धन परिक्रमा सिथित रामजानकी मंदिर आश्रम में मुरैना जिले के 2 सिपाही भक्त बनकर बाबा रामशरण के पास पहुंचे थे, दोनों पुलिस सिपाही फूल माला और मिठाई लेकर गये थे। आश्रम में पहुँच कर सिपाहियों ने बाबा से मिलकर आशीर्वाद लेने की इच्छा जाहिर करी, मंदिर के करमचारियो ने बाबा रामशरण से उनकी मिलने की वयवस्था कराई।
पुलिस कर्मियों ने कहा हमारे साथ बहुत संख्या में पुलिस बल
दोनों पुलिस सिपाहियों ने बाबा रामशरण को माला पहनाई और उनके पैर छुए, फिर बाबा रामशरण के कान में धीरे से बोले हम आपको पकड़ कर मुरैना ले जाने के लिए आये है, हमारे साथ बहुत पुलिस बल है, इसलिए आप बिना न नुकर के हमारे साथ मुरैना चलिए। यह सब बातें सुनकर बाबा समझ गए अब वो पुलिस से नहीं बच सकते हैं, इसके बाद बाबा पुलिस के साथ जाने के लिए राजी हो गये।।
सिविल लाइन थाने की पुलिस बाबा रामशरण को अपने साथ मुरैना ले आयी तत्काल उनको कोर्ट में पेश किया गया, कोर्ट ने उन्हें जेल भेज दिया। सिविल लाइन थाने की पुलिस की सूझबूझ से बिना किसी विवाद के बाबा रामशरण की गिरफ्तारी संभव हो पाई थी। जो एक बहुत ही जोखिम भरा काम था। कयोंकि इस आपरेशन में जनता भड़क भी सकती थी और खून खराबे की नौबत भी हो सकती थी।
Akhilesh Dwivedi