भूकंप का एक मुख्य कारण तकनीकी रूप उचित जगहों पर घरों और अन्य संरचनाओं की कमी हो सकती है। बहुत सारे बुद्धिमत्ता एवं ताकतवर भूकंपों के क्षेत्रों में बने नहीं होते हैं, जिसके परिणामस्वरूप इस प्रकार के प्राकृतिक आपदाओं का समागम हो सकता है।
नेपाल और भारत के पड़ोसी क्षेत्र में भूकंपों की अधिक घटनाएँ होती हैं क्योंकि यह क्षेत्र भूकंप प्रभावित क्षेत्रों के बड़े क़रीब हैं। नेपाल गोर्खा प्रांत और भारत के उत्तराखंड, बिहार और ज्हारखंड जैसे राज्य भूकंप क्षेत्रों में आते हैं।
इसके अलावा, भूकंप का एक अहम कारण
ताटका की तरह कई किस्मों के ज़मीनी पर
नेपाल के जाजरकोट में डिप्टी मेयर की मौत: इतने भूकम्पों के कारण भूकम्प क्यों होते हैं?
नेपाल के जाजरकोट में एक भूकंप के परिणामस्वरूप डिप्टी मेयर की मौत हो गई है, जिसने लोगों के दिलों में गहरी दुख और चिंता का कारण बन दिया है। यह घातक प्राकृतिक आपदा बिना सुचना दिए आ सकती है और बिना विगत कुछ सालों में हुआ भूकंपों के साथ नेपाल के लिए सामान्य हो चुका है।
भूकंप क्यों होते हैं?
1. तंतु स्कैल क्यों होते हैं? भूकम्प के कारण
भूकम्प के कारण सबसे महत्वपूर्ण कारण होते हैं जलवायु और जलवायु परिवर्तन। दुनिया भर भूकम्प विभिन्न कारणों से हो सकते हैं, जैसे कि तलाबों के निचले होने से, समुद्र के पानी की निकटतम चढ़ाव से या अचानक तट से तट पर झूलने से।
2. तट के पास क्यों होते हैं? भूकम्प के कारण
2. तट के पास क्यों होते हैं? भूकम्प के कारण
अक्सर भूकम्प तट के पास होते हैं, जो सामाजिक और आर्थिक नुकसान का कारण बन सकते हैं। तटों के पास क्यों होते हैं? भूकम्प के कारण तटों के पास अक्सर बिगुल और सुनामी के प्रतिस्पर्धी होते हैं, जिन्हें तटों के निचले होने के कारण उत्पन्न हो सकता है।
भूकम्प से कैसे बचा जा सकता है?
भूकम्प से बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण कदम हैं:
1. भूकम्प की भद्दत परीक्षा : भूकम्प की भद्दत परीक्षा करें और अपने घर में सुरक्षित स्थान चुनें।
2. बचाव प्लान: एक बचाव प्लान तैयार करें और परिवार के सदस्यों को इसके बारे में जागरूक करें।
3. तैयारी किट: तैयारी किट की आपूर्ति करें, जिसमें खाद्य, पानी, दवाएँ, और आवश्यक आपूर्तियां शामिल हों।
4. आत्म-सुरक्षाः भूकम्प के समय आत्म-सुरक्षा का ध्यान रखें और बचाव के तरीकों को जानें।
5. सुरक्षित स्थान: भूकम्प के समय एक सुरक्षित
हों और आवश्यकता होने पर तट के पास से दूर जाएं।
इन सभी कदमों को अपनाकर, हम सब मिलकर भूकम्प से सुरक्षित रह सकते हैं और इस प्राकृतिक आपदा से नुकसान को कम कर सकते ह
Nepal Earthquake: नेपाल में बीती रात
शुक्रवार (03 नवंबर) को तेज भूकंप में अब तक कम से कम 128 लोगों को मौत हो गई है. ये आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं. नेपाली मीडिया के मुताबिक रात 11 बजकर 47 मिनट के आसपास 6.4 तीव्रता का भूकंप महसूस गया. इस भूकंप से सबसे ज्यादा नुकसान करनाली प्रांत के जाजरकोट और रुकुम पश्चिम में हुआ है।
Writer. Priti kumari